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शनिवार, अगस्त 20, 2011

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asli lal kitab hindi mein : pratham page-4

असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में प्रथम पेज़-4

नए और पुराने मज़मून का फर्क
यह किताब

जन्म वक्त्त दिन माह उम्र साल सब कुछ,
हस्म नाम को भी मिटा देती है ||
फक्त्त रेखा फोटो मकानों से कुंडली,
जन्म भय चन्द्र बना देती है ||
लिखित जब विधाता किसी की हो शक्की,
उपाय मामूली बता देती है ||
ग्रह फल व राशि के टुकड़े दो करता,
या रेखा में मेख लगा देती है ||

1. इस विधा की नीवं सामुद्रिक विधा पर है जिससे मौजूदा ज्योतिष के मुताबिक बनी कुंडली के लग्न की दुरुस्ती करने में मदद मिलती है | जब प्राचीन ख्यालात (विचारों) पर शनिच्चर की अढाई साला मंदी चाल के तीन बड़े चक्रों (2 ½, 5, 7 ½ साल) की साढ़सती की फ़िक्र माननी पड़े, तो इस लाल किताबी मज़मून की बुनियाद पर शनिच्चर की मंदी घटनाएं मसलन साँप डसने की घटनाएं (वारदातें), मकान गिर जाने या बिक जाने, आँख की नज़र (बिनाई)की खराबियाँ, चच्चे (चाचा) पर जान की तकलीफें, या मशीनों के नुक्सान वगरैह-वगरैह सबूत देंगे कि शनिच्चर मंदा हो बैठा गर्जे कि सूरज की अंतर्दशा या शनिच्चर की साढ़सती चल रही है कि क्यासी खयाल की बजाय ठोस चीजों और पक्की घटनाओं की बुनियाद पर जिन्दगी के हालात के जवाबों को दुरुस्त माना गया है | हस्तरेखा से टेवा-टिपड़ा दुरुस्त करके जिन्दगी के हालत मालूम करने के इलाज इस इल्म में हर शख्स के टेवे से 120 वर्ष की उम्र तक के वर्षफल चन्द मिनटों में बना लेने के लिए ग्रह चाली फहरिस्त (सूची) मौजूद है | 2. शक्की असर की हालत ए वक्त शक का फायदा उठाने के लिए उपाय निहायत

लाल किताब पन्ना नंबर 8

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