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शनिवार, अगस्त 20, 2011

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असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में प्रथम पेज़-3

असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में प्रथम पेज़-3

7. मज़मून की गलती बताने वाला इस इल्म को बढ़ाने के लिए सबसे मददगार दोस्त होगा क्योंकि असल दोस्त वो है जो नुक्स बतलाएं |
8. बात की असलियत को पाने के लिए किसी दूसरे इल्म या आलिम की बदखोई से परहेज़ करें |
9. इसमें शक नहीं कि लड़कपन की तबियत वाले निंदक (बदखोई करने वाला) और कुएं के मेंढक (अपने दायरे में महदूद) जैसे दिमागी मालिक और मखौल उड़ाने वाले भोले बादशाह (बेवकूफ) से फराहत आ ही जाया करती है मगर दुनियावी राशियों को क्षमतानुसार (हस्बे हैसियत) इस इल्म के फायदा पहुँचाना
"कर भला-होगा भला भला-आखिर भले का भला लाल किताब पन्ना नंबर 7

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1 टिप्पणी:

Vaneet Nagpal
  1. mujhe laal kitab par bhrosha hai aur uske totke par bhi. yeh kam karte hai mujhe is ko sihkna hai aur dukhi logo ki madad karni jo meri terha pareshan aur hairan hai mera email id hai ummedvasani@gmail.com aur mera mobiel number hai 09833134942

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